अब शहर के गली-मोहल्लों से भी मिलने लगे कोरोना के मरीज
कोविड-19 की भयावह स्थिति आने लगी सामने
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है, शहर के गली-मोहल्लों में भी अब कोरोना के मरीज मिलने लगे हैं, यह आने वाले गंभीर संकट का ईशारा है। यदि अब भी इस संक्रमण से निपटने के लिए ठोस और कठोर कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में यह संक्रमण विकराल रूप धारण कर लेगा। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस बीमारी के बाद लगे लॉकडाउन में पूरे छत्तीसगढ़ में कोरोना के मरीज का आंकड़ा 30 से ऊपर नहीं गया था, वहीं अब यह आंकड़ा 1600 को पार कर चुका है।
कोरोना संक्रमण के शुरूआती दौर में जब देशभर में लॉकडाउन लगा था। छत्तीसगढ़ में भी इस बीमारी के मरीज ऊंगलियों में गिने जा सकते थे। पुराने आंकड़ों को देखें तो छत्तीसगढ़ के लिए एक वक्त यह भी था जब यहां केवल और केवल 2 मरीज ही संक्रमित होकर उपचार करा रहे थे और उनकी भी स्थिति काफी बेहतर थी। छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में से था जहां कोरोना के पांव पूरी तरह से उखड़ चुका था और यहां कोरोना संक्रमित मरीजों का अधिकतम आंकड़ा किसी भी कीमत पर 30 को पार नहीं कर पाया था। इसके बाद लॉकडाउन खुलते ही और प्रवासियों के आवाजाही शुरू होते ही यह आंकड़ा अब तेजी से बढऩे लगा है। देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में फंसे लोग जैसे ही छत्तीसगढ़ पहुंचे यहां कोरोना संक्रमण तेजी से फैला और अब यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ते हुए 1600 को पार कर गया है। विचारणीय है कि ढाई करोड़ की आबादी वाले राज्य में जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या उंगलियों में गिनी जा सकती थी आज यह आंकड़ा 16 शतक को भी पार कर चुका है। यदि संक्रमण फैलने की यही रफ्तार रही तो आने वाले समय में पूरे राज्य में यह बीमारी हर एक व्यक्ति तक पहुंच जाएगी और तब स्थिति काफी भयावह होगी। इस संक्रमण से निपटने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन समझदारी जनता को दिखानी होगी। सरकार द्वारा तय मापदंडों का कड़ाई से पालन करना होगा, सबसे अहम बात हमें हर हाल में सामाजिक दूरी का पालन करना ही होगा। इसका सबसे अच्छा उपाय है कि हम स्वयं से पहल करते हुए भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
