ढाई साल का वादा कांग्रेस का अन्दरूनी मसला है, डा. रमन का दखल अनुचित : रिजवी
रायपुर। मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ अधिवक्ता इकबाल अहमद रिजवी ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह द्वारा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव के बीच क्या वादा हुआ था, उसमें हस्तक्षेप करते हुए इस मुद्दे को सार्वजनिक करने उनका कथन अनुचित है क्योंकि यह मुद्दा या वादा कांग्रेस का अन्दरूनी मसला है, उसमें किसी दल या नेता का हस्तक्षेप करना गैरवाजिब एवं जबरन दखलंदाजी है। यदि दोनों के बीच ऐसा कोई वादा यदि हुआ भी है तो उसका निराकरण कांग्रेस हाईकमान अब तक कर चुका होता। रहा सवाल दोनों के बीच हुए वादे से डा. साहब को पेट में दर्द क्यों हो रहा है? इस संदर्भ में मुहावरा याद आ रहा है कि ‘‘ए शेख अपनी अपनी देख’’ ।
रिजवी ने कहा है कि भाजपा एवं डा. रमन सिंह को चाहिए कि भाजपा की गिरती साख को बचाने बाबत् सोचे। किसी अन्य के बीच क्या वादा या ट्रान्जेक्शन हुआ, उससे उनको कोई लेना देना नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री एवं टी.एस. बाबा इस विषय पर वही निर्णय लेंगे जो हाईकमान का निर्देश होगा। डा. रमन सिंह से निवेदन है कि कुछ सलाह देना ही है तो छत्तीसगढ़ एवं छत्तीसगढ़िया के विकास के लिए कारगर सुझाव दें, जिसे डा. साहब ने अपने 15 साल के मुख्यमंत्रीत्वकाल में न कर सके हों। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं छत्तीसढ़िया की छत्तीसगढ़ के लिए एवं छत्तीसढ़िया के द्वारा चल रही सरकार का भलीभांति संचालन कर रहे हैं।
