कालीचरण ने शंकराचार्यों पर दिया अमर्यादित बयान:कांग्रेस की तुलना राक्षस से की; रायपुर में कहा- जो राजा हिंदुत्व का काम कर रहा, उसका साथ दें…
महाराष्ट्र के संत कालीचरण ने शंकराचार्यों पर अमर्यादित बयान दिया है। अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में शंकराचार्यों के नहीं जाने पर उन्होंने ऐसी बातें कहीं, जो शंकराचार्य की गरिमा के खिलाफ हैं। इसलिए उनके शब्दों को हम यहां लिख नहीं रहे हैं।
रायपुर के विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय में मंगलवार को कालीचरण ने कहा कि साधु-संत अपने अहंकार को चूल्हे में डालें और जो राजा हिंदुत्व का काम कर रहा है, उसका साथ दें। अहंकार के सामने भगवान भी दोयम हो जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस की तुलना राक्षस से की।
देश और यूपी के राजा ने बनवा दिया मंदिर
उन्होंने कहा कि, प्रत्येक चरण एक पूर्णता ही है। हम किसी भी रास्ते पर बढ़ रहे हैं, हर एक गंतव्य के तरफ बढ़ता हुआ कदम पूर्णता है। राम मंदिर का निर्माण होना भी हमारे लिए एक सपना था। हमें आशा ही नहीं थी कि बनेगा, लेकिन उत्तर प्रदेश और देश के राजा ने मंदिर बना दिया।
साधु अपना अहंकार बाजू में रख, राजा का साथ दें
उन्होंने कहा कि, पहली मंजिल बन गई है तो हमारे लिए राम मंदिर बन गया है। पहले हिंदुओं के हाथ में जगह नहीं थी। अब जगह भी हाथ में आ गई है और मंदिर बन गया। उन्होंने कहा कि, सभी साधुओं से आह्वान करता हूं कि अपने अहंकार को बाजू में रखें और राजा का साथ दें।
कांग्रेस को बताया राक्षस
कांग्रेस के अयोध्या के निमंत्रण ठुकराने के सवाल पर कालीचरण महाराज ने कहा कि ‘भूत पिशाच निकट नहीं आवें, महावीर जब नाम सुनावें।’ जिन्होंने राम का विरोध कर दिया वे राक्षस हैं। भगवान के पास राक्षस कैसे जाएंगे। भगवान के पास राक्षस नहीं जा सकते क्योंकि वहां हनुमान जी हैं।
मुसलमान वोट बैंक
कालीचरण महाराज ने कहा कि, मुसलमानों की मांग क्यों पूरी कि जाती है, क्योंकि वे वोट बैंक हैं। हिंदू वोट बैंक नहीं है। हिंदू सड़े हुए जातिवाद में उलझा है। उन्होंने कहा कि, हिंदुओं का कल्याण करे ऐसा कट्टरवादी हिंदू राजा सभी जगह बैठना चाहिए।
राजनीति का हिंदुत्व-करण करना टारगेट
धर्मांतरण को लेकर नीति बनाए जाने वाले सवाल पर संत कालीचरण ने कहा कि, धर्म एक ही है, सनातन। इस्लाम और ईसाई धर्म ही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, धर्म के तीन लक्षण होते हैं, पुनर्जन्म साइंस, ईश्वर टारगेट होना और कर्म फल सिद्धांत।
उन्होंने कहा कि, धर्म परिवर्तन नहीं होता, छुड़ाया जाता है। इसका कानून होना चाहिए। राज्यसभा-लोकसभा में हिंदुत्ववादी राजा को बैठाना है, इसलिए हमारा टारगेट है राजनीति का हिंदुत्वकरण करना। हिंदू को वोट बैंक बनाना।
देश बचा गए नाथूराम
महात्मा गांधी पर अमर्यादित टिप्पणी कर सुर्खियों में आए कालीचरण ने एक बार फिर नाथूराम गोडसे के समर्थन में बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, नाथूराम गोडसे को कोटि-कोटि नमस्कार है। रघुपति राघव राजा राम, देश बचा गए नाथूराम।
20 जनवरी को वीएचपी की बाइक रैली
अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर 20 जनवरी को विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल रायपुर में बाइक रैली निकालेगी। इस आयोजन में शामिल होने संत कालीचरण महाराज रायपुर पहुंचे हैं। आयोजन को लेकर कालीचरणने कहा कि हमारे अस्मिता का केंद्र राम मंदिर हमे वापस मिल गया है। सभी हिंदुओं से आह्वान कर रहे है उत्सव वे दिवाली से भव्य उत्सव मनाए।
