243 रन बनाकर भी हार गई मुंबई, हैदराबाद ने 6 विकेट से दी मात
मुंबई
वानखेड़े स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 243 रनों का विशाल स्कोर डिफेंड न कर पाने के बाद मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या बेहद निराश नजर आए। हार के बाद दिए गए बयान में हार्दिक ने हार के कारणों और टीम की स्थिति पर खुलकर बात की। मुंबई इंडियंस ने बोर्ड पर 243 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद ने इस लक्ष्य को 8 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रन-चेज है। मैच के बाद हार्दिक पंड्या ने हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को नहीं बल्कि टीम के ओवरऑल प्रदर्शन और खराब गेंदबाजी को मुख्य कारण बताया।
ओपनिंग साझेदारी और खराब गेंदबाजी बनी मुजरिम
हार्दिक पंड्या ने स्पष्ट किया कि ओस ने मैच में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाई। उन्होंने हार का असली मुजरिम खराब गेंदों को बताया। हार्दिक ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि ओस की कोई खास भूमिका थी। बात बस इतनी थी कि उन्होंने (अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड) कुछ अच्छे शॉट्स खेले और हमने कुछ बहुत खराब गेंदें फेंकी। उन्हें शानदार शुरुआत मिल गई। हमने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन वह काफी नहीं था।'
इतना बड़ा स्कोर नहीं बचा पाने के बावजूद हार्दिक ने अपने गेंदबाजों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह अपने गेंदबाजों को इस हार का इकलौता दोषी मानकर उन पर दबाव नहीं डालेंगे। हार्दिक के अनुसार, 'मैं अपने गेंदबाजों को दोष नहीं दूंगा। मुझे भरोसा था कि 244 का स्कोर डिफेंड किया जा सकता है, लेकिन आज हमारा एग्जीक्यूशन सही नहीं रहा। एक यूनिट के तौर पर हम वो नहीं कर पाए जिसके लिए मुंबई इंडियंस जानी जाती है।'
किस्मत और मौकों का हाथ से निकलना
मैच में ट्रेविस हेड का एक कैच छूटना या अपील न करना मुंबई को बहुत भारी पड़ा। इस पर हार्दिक ने कहा कि जब आप मौके भुनाते हैं, तब मोमेंटम बदलता है, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते तो यह आपको चोट पहुंचाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस सीजन में किस्मत और मौके उनके पक्ष में नहीं रहे हैं।
फैंस की हूटिंग और वफादारी पर दर्द
मैच के दौरान वानखेड़े में विपक्षी टीम के नाम के नारे लगने पर हार्दिक ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी दुख होता है जब विपक्षी टीम आती है और फैंस उनके नाम के नारे लगाते हैं। हमारे फैंस बहुत वफादार रहे हैं, लेकिन हमें उन्हें एंटरटेन करने और उनका भरोसा फिर से जीतने की जरूरत है।'
