भूजल स्तर को बरकार रखने ग्रामवासियों की अनोखी पहल, बनाया सोखता मॉडल

हैंडपंप के आसपास बर्तन, कपड़ा धोने पर लगाई रोक
दुर्ग।
दुर्ग जिले में फरवरी महीने की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने दस्तक दे दी है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पानी को सहेजने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। इस बीच जिले के 10 गांव ऐसे हैं, जिन्होंने सोखता मॉडल तैयार कर पानी को व्यर्थ बर्बाद होने से बचाने की दिशा में काम शुरू किया है। ताकि गिरते भूजल के स्तर को कम रखा जा सके। इतना ही नहीं हैंडपंप के आसपास बर्तन और कपड़ा धोने से लेकर अन्य कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिले के कुछ जागरूक सरपंचों के प्रयासों से इसकी शुरुआत की गई है। उन्होंने ऐसा सोखता बनाया है जो जिले के लिए मॉडल साबित हो रहा। हैंडपंपों के आसपास बहने वाले पानी निकासी व्यवस्था बनाई गई है। इस पर लोगों की नजर पड़ सके इसके लिए इसे आकर्षक बनाया गया है। जिले के बेलौदी-खपरी, रवेलीडीह, असोगा, पतोरा, पुरई, पाउवारा, रिसामी, खिलोराकला सहित अन्य गांव इसमें शामिल हैं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत जल स्रोतों को सुरक्षित रखने व स्वच्छता बनाए रखने जिले के 10 ग्रामों में 18 माॅडल सोख्ता बनाया गया है। जनपद पंचायतों के कार्यालयों में भी इसी तरह की पहल की गई है। इसमें जिले के तीनों जनपद पंचायत कार्यालयों में सोखता मॉडल बनाया गया है। हैंडपंप के आसपास इस प्रकार की व्यवस्था की गई है।
जनपद के अधिकारियों ने बताया, पंचायत स्तर पर शुरू हुए इस प्रयोग से गिरते भूजल को रिचार्ज करने में मदद मिलेगी। हैंडपंप में बहने वाला पानी सीधे पहले पशुओं के जलपात्र तक पहुंचेगा। वहां से यह बनाए गए सोखता में एकत्रित होगा। इसके माध्यम से भूजल को रिचार्ज किया जा सकेगा। आगामी दिनों में इसे पूरे जिले में शुरू करने की तैयारी की जा रही।
सरपंचों ने बताया कि वे मॉडल हैंडपंप का उपयोग केवल पेयजल के लिए करवा रहे हैं। हैंडपंप के पास के कपड़ा धोना, नहाना या फिर बर्तन मांजने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसकी सूचना यहां पर लगवाई जा रही है। जो लोग ऐसा करते मिले उन पर जुर्माना ठोका जाएगा। ऐसी किसी भी गतिविधियों को लेकर पंचायत द्वारा प्रतिबंध भी लगा दिया गया है।
रिसामा को ओडीएफ प्लस के लिए 2 लाख रुपए पुरस्कार मिले हैं। इस से कई विकास कार्य होंगे। जिपं सदस्य योगिता चंद्राकर की अध्यक्षता में सरपंच व सचिव ने बैठक ली। इस पैसे से सोख्ता गड्ढा और सार्वजनिक शौचालय बनेगा। प्रचार प्रसार के लिए दीवार लेखन, पेंटिंग, हैंड पंप के पास सोख्ता आदि का निर्माण किया जाएगा।

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