जंगल में अकेले मिला भालू का बच्चा, कानन में मिली पनाह
बिलासपुर। बेलगहना रेंज के टेंगनमाड़ा सर्किल अंतर्गत रिगरिगा बीट में भालू का एक माह का बच्चा अकेले मिला। दिनभर इंतजार के बाद भी मादा भालू नहीं आई तो सुरक्षा के मद्देनजर कानन पेंडारी जू की रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम उसे लेकर लौट गई। बच्चा सुरक्षित है और उसे अस्पताल में ही रखा गया है।
रोज की तरह वनकर्मी जंगल की गश्त पर निकले थे। तभी उनकी नजर भालू के इस बच्चे पर पड़ी। हालांकि वह नजदीक नहीं गए। इसके बाद अफसरों को जानकारी दी गई। उनके निर्देश पर अमला दूर से बच्चे पर नजर रखने लगे। संभावना थी कि मादा भालू आसपास ही होगी और बच्चे के पास लौटेगी। इधर अफसर भी मामले को लेकर गंभीर नजर आए और पल-पल की गतिविधियों की जानकारी लेते रहे। शाम चार बजे तक इंतजार करने के बाद भी जब मादा भालू नहीं आई तो दोबारा अफसरों को इसकी जानकारी दी। इस पर निर्णय लिया गया कि अकेले रहने से बच्चे को खतरा है। इसलिए तत्काल कानन पेंडारी जू की रेस्क्यू टीम को रिगरिगा भेजा गया। अमला मौके से भालू को सुरक्षित वाहन में लाया गया। इस दौरान एक वनकर्मी भी साथ बैठा रहा। शाम को अमला बच्चे को लेकर कानन पेंडारी पहंुचा। इस दौरान जू के चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। वह पूरी तरह स्वस्थ है।
जू की टीम भालू के बच्चे को लेकर आ तो गई लेकिन उसकी देखभाल किसी चुनौती से कम नहीं है। पशु चिकित्सकों के सुझाव में उसे बाटल में सिर्फ दूध पिलाया गया। एक कर्मचारी को खासतौर पर देखभाल की जवाबदारी सौंपी गई है।
