दिल्ली धमाके की जांच में जुटी स्पेशल सेल, मोसाद भी करेगी मदद
इजाराइली दूतावास के पास हुआ था धमाका
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में इजाराइली दूतावास के पास हुए ब्लास्ट के बाद देशभर में अलर्ट है। सरकार एक्शन में हैं और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल पूरी तरह में जुटी है। अब तक कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। इसके बाद यह लगभग साफ हो गया है कि इजराइली दूतावास को निशाना बनाते हुए यह धमाका किया गया था। एमोनियम नाइट्रेड से धमाका किया गया था। अधिकारियों को मौके से एक चिट्ठी और आधा जला गुलाबी दुपट्टा मिला है। चिट्ठी पर लिखा है, टू द इजराइली एम्बेसेडर यानी वह पत्र इजराइली एम्बेसेडर के नाम लिखा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिट्ठी में दिल्ली के इस ब्लास्ट को ट्रे्लर बताया गया है और कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेने की बात कही गई है। बता दें, पिछले साल जनवरी में अमेरिका ने बगदाद एयरपोर्ट पर एयर स्ट्राइक कर ईरान की एलिट फोर्स के जनरल कासिम सुलेमानी को मार गिराया था। ईरानी ने इसका बदला लेने की बात कही थी।
इजराइल करेगा जांच में मदद
भारत और इजराइल सरकार अलग-अलग स्तरों पर सम्पर्क में है। कहा जा रहा है कि इजराइल की जांच एजेंसी दिल्ली पुलिस की मदद करेगी। इस बीच, एक अन्य बड़ी सफलता हासिल करते हुए दिल्ली पुलिस ने एक सीसीटीवी फुटेज हासिल किया है, जिसमें एक कैब नजर आ रही है। कैब से दो संदिग्ध उतरते नजर आए हैं। पुलिस ने कैब ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ड्राइवर से पूछताछ कर संदिग्धों का हुलिया बनाया जा रहा है।
दिल्ली में हुए इस कम तीव्रता के धमाके के बाद देशभर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तमाम एयरपोर्ट के साथ ही हरिद्वार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है जहां कुंभ मेला आयोजित किया जाना है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपना पश्चिम बंगाल दौरा रद्द कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इजराइली दूतावास से बात कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। बता दें, इससे पहले दिल्ली में 13 फरवरी 2012 को ब्लास्ट हुआ था, तब भी इजराइल के राजदूत को निशाना बनाया गया था। वहीं इससे पहले 7 सितंबर 2007 को दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर ब्लास्ट हुआ था, जिसमें 11 लोग मारे गए थे और 80 घायल हो गए थे।
आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह बड़ी साजिस का ट्रायल तो नहीं। हो सकता है कि दहशतगर्द इस धमाके के जरिए एक संदेश देना चाहते हों या कोई ट्रायल करना चाहते हो।
