रायगढ़ से गोवा तक फैला क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट बेनकाब, हवाला कनेक्शन उजागर 6 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। आईपीएल के हर चौके-छक्के पर करोड़ों का काला खेल खेला जा रहा था, दुबई से बेटिंग आईडी आती थी, गोवा के लग्जरी विला से पूरा नेटवर्क ऑपरेट होता था और मध्य भारत में बैठे खाईवाल करोड़ों की हवाला रकम घुमा रहे थे, लेकिन रायगढ़ पुलिस की साइबर निगरानी ने आखिरकार उस नेटवर्क की नस पकड़ ली जिसे अब तक ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का सबसे बड़ा सिंडिकेट माना जा रहा है। रायगढ़ पुलिस ने थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 217/2026 और 218/2026 के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए खाईवाल मन्नू नथानी गैंग तक पहुंच बनाई और गोवा के कैंडोलिम बीच इलाके में किराए के विला पर दबिश देकर छह बड़े सट्टा संचालकों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में सीएसपी मयंक मिश्रा, साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर और डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह की निगरानी में हुई। गिरफ्तार आरोपियों में खरसिया निवासी अमित मित्तल पिता अनूप मित्तल उम्र 30 वर्ष, रायपुर समता कॉलोनी निवासी मोहित सोमानी पिता मुरलीधर सोमानी उम्र 38 वर्ष, चौबे कॉलोनी निवासी प्रकाश वाधवानी पिता जगदीश वाधवानी उम्र 28 वर्ष, मौदहापारा रायपुर निवासी आकाश मोटवानी पिता दीपक मोटवानी उम्र 31 वर्ष, तेलीबांधा रायपुर निवासी राहुल खंडेलवाल उर्फ बाबू पिता स्व. विनोद खंडेलवाल उम्र 36 वर्ष और रामसागर पारा निवासी सुलभ खंडेलवाल उर्फ छोटा बाबू पिता सुनील खंडेलवाल उम्र 33 वर्ष शामिल हैं। पुलिस जब गोवा विला पहुंची तब आरोपी कॉलिंग फोन, लैपटॉप, हिसाब-किताब की डायरी और डिजिटल सबूत मिटाने की कोशिश में लगे थे और फरार होने की तैयारी कर चुके थे, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर 10 मोबाइल जब्त किए और सभी को रायगढ़ लाकर पूछताछ शुरू की। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क तीन अलग-अलग तकनीकों से IPL क्रिकेट सट्टा संचालित करता था। सबसे पहले रायपुर से अभिनंदन बुक/लाइन के जरिए सेशन का भाव लिया जाता था, फिर APK बेस्ड Zoom App के जरिए नीचे खाईवालों और प्लेयर्स तक पहुंचाया जाता था। दूसरी तकनीक में आरोपी प्रगति टीवी ऐप और स्टार लाइव जैसे APK ऐप इस्तेमाल करते थे जिनमें मैच लगभग 7 सेकंड पहले दिखाई देता था और इसी टाइम एडवांटेज के सहारे नीचे बैठे प्लेयर्स को भाव देकर करोड़ों की बाजी लगवाई जाती थी। तीसरे तरीके में महादेव सट्टा की तर्ज पर All Panel Exchange, Taj 777 और Diamond Exchange जैसी बेटिंग आईडी उपलब्ध कराई जाती थी। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क दुबई से संचालित क्रिकेट बेटिंग आईडी के जरिए काम करता था, जो पहले महानगरों के बड़े खाईवालों तक पहुंचती थी और फिर नागपुर, रायपुर, रायगढ़, सक्ती और खरसिया तक फैलाई जाती थी। आरोपियों ने पूछताछ में माना कि वे एजेंटों और प्लेयर्स को बेटिंग आईडी देकर हर ट्रांजेक्शन पर 10 प्रतिशत तक कमीशन कमाते थे। एक आईपीएल सीजन में करोड़ों रुपये के हवाला लेनदेन के संकेत मिले हैं। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से नोटों के सीरियल नंबर शेयर कर रकम ट्रांसफर करने के सबूत भी मिले हैं। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से एक करोड़ रुपये से ज्यादा नकदी जब्त की जा चुकी है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले मन्नू नथानी गैंग के लिए एजेंट के तौर पर काम करते थे और बाद में खुद बड़े खाईवाल बन गए। अमित मित्तल के खिलाफ पहले से खरसिया, चक्रधरनगर और घरघोड़ा थाने में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के मामले दर्ज हैं जबकि मोहित सोमानी पर रायपुर के कई थानों में आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है। रायगढ़ पुलिस अब रायगढ़, रायपुर, सक्ती, नागपुर और अन्य शहरों में फैले इस नेटवर्क के आर्थिक चैनल, हवाला कनेक्शन और अप-लिंक की परतें खोलने में जुटी है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने साफ कहा है कि ऑनलाइन सट्टा, हवाला और संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और तकनीक आधारित अपराधियों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना ही रायगढ़ पुलिस का लक्ष्य है। फिलहाल इस कार्रवाई ने मध्य भारत के ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा सिंडिकेट में हड़कंप मचा दिया है और पुलिस की नजर अब उन बड़े चेहरों पर टिक गई है जो पर्दे के पीछे बैठकर करोड़ों का काला खेल चला रहे थे।
