अमित जोगी को SC का दरवाजा खटखटाना चाहिए – MLA मिश्रा

कांग्रेस के दीपक बैज और धनेन्द्र साहू ने कहा न्यायालय का फैसला सर्वाेपरि
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट द्वारा अमित जोगी को 27 दिन के अंदर सरेंडर किए जाने के आदेश के पश्चात सियासत तेज हुई है। भाजपा के विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। उधर कांग्रेस के पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू ने कहा कि न्यायालय का फैसला सर्वाेपरि है इसका हमें सम्मान करना चाहिए।
राजधानी में 2003 में हुए रामअवतार जग्गी हत्याकांड को लेकर उनके पुत्र सतीश जग्गी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। होईकोर्ट ने जोगी कांग्रेस के अमित जोगी को तीन हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। इसको लेकर अब भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है। स्व. रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने कहा कि मुझे लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिला है। मुझे न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि भगवान के यहां देर है अंधेर नहीं। भाजपा के पुरंदर मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल में हुई इस हत्याकांड में अमित जोगी को निर्दाेष बरी कर दिया गया था। यदि उन्हें ऐसे लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है अथवा राजनीति हुई है तो उन्हें सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कोर्ट के आदेश को सर्वाेपरि माना है और कहा कि वे दंतेवाड़ा में है। कांग्रेस के धनेन्द्र साहू ने कहा कि कोर्ट को फैसला सर्वाेपरि है उसका हम सम्मान करते हैं। इधर अमित जोगी ने कहा कि उन्हें कोर्ट के फैसले ने बरी कर दिया था मेरा पक्ष भी कोर्ट को सुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि 40 मिनट की सुनवाई के दौरान ही यह फैसला आ गया। ज्ञात रहे कि 4 जून 2003 में उन्हें उस हत्याकांड में बुल्ठू पाठक और सुरेन्द्र सिंह शासकीय गवाह बन गए थे। इसमें कई लोगों को सजा हुई थी लेकिन अमित जोगी को बरी कर दिया गया था। ज्ञात रहे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह केस रिओपन किया गया है, जिसके चलते मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई और उन्हें सरेंडर करने को कहा गया।

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