परेशान प्रवासी मजदूरों ने वाहनों में तोडफ़ोड़ कर लगाई आग

सूरत। कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की गई है, जिसकी अवधि 14 अप्रैल को पूरी हो रही है. लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा है. गुजरात के सूरत में लॉकडाउन से परेशान सैकड़ों प्रवासी मजदूर शुक्रवार देर रात उग्र हो गए और सड़कों पर उतर आए. ये सभी मजदूर उन्हें वापस घर भेजने की व्यवस्था करने की मांग कर रहे थे. बताया जाता है प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान सड़कों पर खड़े कुछ वाहनों में आग लगा दी और जरूरी सामन ले जा रहे ट्रकों में तोडफ़ोड़ की. हालांकि मामला बढऩे से पहले ही पुलिस ने आगजनी करने वाले प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया और स्थिति पर काबू पा लिया गया.
पुलिस के मुताबिक, सूरत के लसकाना इलाके में शुक्रवार देर रात प्रवासी मजदूर उग्र हो गए. लॉकडाउन से परेशान ये मजदूर अपने घर वापस जाने की जिद्द करते हुए सड़क पर ही प्रदर्शन करने लगे. वह सरकार से मांग कर रहे थे कि उन्हें घर भेजने की समुचित व्यवस्था की जाए और उनके बकाए का जल्द से जल्द भुगतान किया जाए.
बताया जाता है कि प्रवासी मजदूर अपना प्रदर्शन कर ही रहे थे कि कुछ लोगों ने सड़क पर खड़े ठेलों और दूसरे वाहनों में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी. इस दौरान कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया. उग्र प्रदर्शन को रोकने के लिए पहुंची पुलिस ने कुछ मजदूरों को मौके से हिरासत में ले लिया. इसके बाद पुलिस ने हालात पर जल्द ही काबू पा लिया.

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