मुलताई में बेतरतीब पार्किंग: नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे बैंक और व्यावसायिक प्रतिष्ठान, जनता परेशान
मुलताई। मुलताई शहर में इन दिनों पार्किंग की अव्यवस्था ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के कई बैंक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पर्याप्त पार्किंग सुविधा के संचालित हो रहे हैं, जिससे न केवल ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। नियमों का यह खुला उल्लंघन आए दिन दुर्घटनाओं और जाम का कारण बन रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के कुछ बैंक और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स ऐसे हैं जिनके पास बिल्कुल भी पार्किंग की जगह नहीं है। वहीं, कुछ प्रतिष्ठानों ने नाममात्र की जगह पार्किंग के लिए छोड़ी है, जो वाहनों की बढ़ती संख्या के सामने अपर्याप्त साबित हो रही है। वाहन खड़े करने की जगह न मिलने के कारण ग्राहकों को अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करने पड़ते हैं। इससे आए दिन सड़कों पर जाम की स्थिति बनती है और कई बार छोटी-मोटी दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं। सरकारी जमीन पर वाहनों का जमावड़ा भी देखा जा सकता है, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
बिना पार्किंग के कैसे संचालित हो रहे बैंक?
सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर बिना पार्किंग के ये बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं, जबकि नियमानुसार किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, विशेषकर बैंक को अपनी स्वयं की पर्याप्त पार्किंग सुविधा के साथ ही संचालित होना अनिवार्य होता है। यह सीधे तौर पर नगर पालिका और नगर नियोजन के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
अनाधिकृत निर्माण और अतिक्रमण भी समस्या की जड़
जांच में यह बात भी सामने आई है कि मुलताई में कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बनाए गए हैं। इसके अलावा, कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे भी बिना पर्याप्त पार्किंग सुविधा दर्शाए ही पास कर दिए गए हैं, जो नगर नियोजन के नियमों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। हैरानी की बात यह है कि कुछ लोगों ने तो सरकारी जमीन पर स्थायी अतिक्रमण कर अपनी दुकानें या विस्तार कर लिया है, जिससे पार्किंग की समस्या और गंभीर हो गई है। सड़क किनारे के अतिक्रमण ने भी समस्या को जटिल बना दिया है।
गहन जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
जनता की मांग है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की तत्काल जांच होनी चाहिए कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही, अनाधिकृत बेसमेंट निर्माण, बिना पार्किंग सुविधा के पास हुए व्यावसायिक भवनों के नक्शे और सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण की भी विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में यह यातायात और सुरक्षा के लिए और भी बड़ी चुनौती बन सकती है। स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर संज्ञान ले और तत्काल आवश्यक कदम उठाए।
