तिल्दा नेवरा में सरकारी वेयर हाउस पर भू-माफिया की गिद्ध दृष्टि: अधिकारी ‘कुंभकर्णी नींद’ में, अध्यक्ष ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

तिल्दा नेवरा। नगर के हृदय में स्थित, करोड़ों रुपये की बेशकीमती सरकारी संपत्ति – छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के वेयर हाउस की जमीन पर अब भू-माफियाओं की गिद्ध दृष्टि पड़ चुकी है। खुलेआम, दिन के उजाले में इस बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे का खेल धड़ल्ले से चल रहा है, लेकिन वेयर हाउस के जिम्मेदार अधिकारी ‘कुंभकर्णी नींद’ में सोए हुए हैं। सूत्रों की मानें तो यह ‘सरकारी संरक्षण’ में किया जा रहा अवैध कब्जा है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
अवैध कब्जे का सिलसिला जारी
नगर के व्यापारिक और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस वेयर हाउस परिसर में पिछले कुछ समय से सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे का सिलसिला शुरू हो गया है। छोटे-छोटे टुकड़ों में बाउंड्री वॉल बनाकर, झोपड़ियां डालकर और निर्माण कार्य कर जमीन को हड़पने का प्रयास किया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि ये सारी गतिविधियां वेयर हाउस के अधिकारियों और कर्मचारियों की नाक के नीचे हो रही हैं, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। अधिकारियों की यह निष्क्रियता कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
लाखों का नजराना? मिलीभगत की आशंका
यह अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है कि इस तरह के बड़े अवैध काम बिना किसी ‘नजराने’ के नहीं होते। स्थानीय सूत्रों और लोगों का कहना है कि यह अवैध कब्जा ‘सरकारी संरक्षण’ में किया जा रहा है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि भू-माफियाओं ने अधिकारियों को मोटा नजराना देकर यह खेल शुरू किया है। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी संपत्ति की सुरक्षा से ज्यादा अधिकारियों के लिए निजी स्वार्थ महत्वपूर्ण हैं? इस बात की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए कि आखिर इस अवैध कब्जे को क्यों रोका नहीं जा रहा है।
आम जनता में भारी रोष
इस घटना से स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों में भारी रोष व्याप्त है। वे सवाल उठा रहे हैं कि जब सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी सरकारी विभागों की होती है, तो वे ही इसमें लापरवाही क्यों बरत रहे हैं? लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो यह पूरा वेयर हाउस परिसर भू-माफियाओं के चंगुल में फंस सकता है, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होगा और भविष्य में इसे खाली कराना अत्यंत कठिन हो जाएगा।
निगम अध्यक्ष ने लिया संज्ञान, दिया कार्रवाई का आश्वासन
इस गंभीर मामले की जानकारी जब छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू को दूरभाष पर दी गई, तो उन्होंने तुरंत इसका संज्ञान लिया। साहू ने कहा कि यह एक बेहद गंभीर मामला है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने इस पर जल्द से जल्द सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन और निगम के वरिष्ठ अधिकारी इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करेंगे और भू-माफियाओं के मंसूबों पर पानी फेरेंगे। या फिर, यह बेशकीमती सरकारी जमीन भी भू-माफियाओं की भेंट चढ़ जाएगी, इसका जवाब आने वाला समय ही देगा।

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