प्रशासन ने नहीं सुनी फरियाद, ग्रामीणों ने उठाया सड़क बनाने का बीड़ा
नगरी ब्लॉक के बिरनासिल्ली गांव के लोग खुद ही बना रहे सड़क
(रिज़वान मेमन)
धमतरी। नगरी ब्लाक के ग्रामीण अंचलों में सड़कों की स्थित बहुत ही दयनीय है। ग्रामीण लम्बे अरसे से शासन प्रशासन से सडक मरम्मत व नई सड़क की मांग करते आ रहे हैं लेकिन उनके कानों में जूँ तक नहीं रेंगी। आख़िरकार ग्रामीणों के इसका बीड़ा खुद उठाया और चल पड़े खुद ही सड़क बनाने।
प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके नगरी ब्लाक के ग्राम पंचायत बिरनासिल्ली के ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर व ग्राम वासियों के श्रमदान से सड़क बनाने का काम शुरू कर दिया है। नगरी ब्लाक मुख्यालय से 20 किलो मीटर की दूरी पर बिरनासिल्ली बसा हुआ है, जहाँ शासन द्वारा बिरनासिल्ली नदी मे लाखों रूपये खर्च कर एक बडा पुल व पुल के दोनो तरफ दो दो सौ मीटर में सडक तो बना दिया मगर गांव के पहुच मार्ग पुल से बस्अंई तक दो किलो मीटर की दूरी को छोड़ दिया। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है खासकर बारिश के दिनों। पुल पार करने के बाद ग्रामीणों को पैदल चल कर गांव पहुंचना पड़ रहा है। बारिश होते ही यह रास्ता दलदल मे तब्दील हो जाता है। ऐसे में ग्रामीणों के के साथ स्कूली छात्र छात्राओ को भी परेशानियो का सामना करना पडता है। यदि गांव में किसी की तबियत खराब हो या प्रसव पीडा तो वाहन गांव तक नही पहुचते जिसे देखते हुए पूरे ग्रामीणो ने थक हारकर खुद ही सडक बनाने का निर्णय लिया और पूरे ग्राम वासियो ने चंदा के साथ हर घर के ग्रामीण सडक बनाने जुट गये। सड़क निर्माण में जुटे भूपेश मरकाम, देवीराम सलाम, संपत सलाम, जयराम मरकाम, जागेश्वर मरकाम, शिवकुमार, नंद कुमार सॉरी, भारत सागर, सुखदेव नेम, कमलेश मांडवी, अनिरुद्ध सॉरी, जागेश्वर मांडवी ने बताया कि आज हम जब कई जगह जाते है और देखते है की उनके गाव का पहुच मार्ग चकाचक है उन्हे कोई परेशानी नही होती किसी भी समय कोई भी वाहन घर के दरवाजे तक पहुच जाते हैं। स्कूली छात्र छात्राऐ बडे अराम से स्कूल जाते है उनका यूनिफार्म भी खराब नही होता, वहीं जब हम अपने गांव को देखते तो बहुत दुख होता। बारिश के दिनो मे हमारे गाव मे कोई आना भी पसंद नही करता है।चारों ओर नदी और बारिश का पानी होने पर गाव टापू मे बदल जाता। ऐसे मे अगर कोई जरूरी हो तो भी गाव से नही निकल पाते। गांव के बडी नदी मे जब पूल बना तो ग्रामीण बहुत खुश हुए पूल के साथ सडक भी बनेगा मगर जब सडक नही बनी तो ग्रामीणो ने सडक बनाने की मांग भी शासन प्रशासन से किया लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।
