जुनेजा को एक बार फिर डीजीपी के पद पर एक्सटेंशन देने की सुगबुगाहट
रायपुर। पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा को एक बार फिर सेवा वृद्धि की देने की खबरें छनकर आ रही हैं। गौरतलब है कि उनका रिटायरमेंट जून 2023 में हो जाना चाहिए था लेकिन भूपेश बघेल सरकार ने उन्हें अगस्त 2024 तक का एक्सटेंशन दे दिया था। हालांकि सरकार बदलने के बाद विष्णु देव सरकार ने भी फरवरी 2025 तक एक्सटेंशन दे दिया। इस बीच ऐसी सुगबुगाहट चल रही है कि अशोक जुनेजा को एक बार और छह महीने का एक्सटेंशन दिया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक अशोक जुनेजा जब तक पुलिस अधीक्षक के पद रहे उन्होंने कभी किसी नक्सल प्रभावित जिलों में अपनी पोस्टिंग नहीं होने दी। जुनेजा पर भूपेश बघेल सरकार के समय नक्सलियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन को बंद करवाने का भी आरोप है। यह भी बताया जाता है कि अशोक जुनेजा ने कभी भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कैम्प नहीं किया। उनका दौरा जगदलपुर तक ही सीमित रहा। यह किसी से छिपा नहीं है कि वर्तमान में जितने भी ऑपरेशन चल रहे हैं वे सब पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज व रायपुर रेंज व जिलों के पुलिस अधीक्षक, सी. आर. पी. एफ, डी. आर. जी. और इंटेलिजेंस के टीम वर्क आधार पर चल रहे हैं। इसका मुफ्त का यश पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा की झोली में जा रहा है। भूपेश बघेल सरकार में जोरों पर महादेव सट्टा के जरिए अवैध कमाई के आरोप अनेक लोगों पर लगे, ऐसे में पुलिस महानिदेशक होने के नाते इसकी जवाबदेही भी डीजीपी की भी तय की जानी चाहिए थी। जब नक्सल ऑपरेशन की सफलता की वाह वाही पुलिस महानिदेशक को मिल रही है तो महादेव सट्टा की जिम्मेदारी भी तो पुलिस महानिदेशक के ऊपर होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
इस बीच अशोक जुनेजा को एक बार फिर एक्सटेंशन देने की उड़ती हुई खबरों के बीच पुलिस विभाग के आला अधिकारियों में नाराजगी और आक्रोश देखने को मिल रहा है। कई ऐसे काबिल अधिकारी हैं जो वर्षों से इस पद पर पदोन्नति की बाट जोह रहे हैं लेकिन उनकी उम्मीदों पर हर बार पानी फिर जा रहा है। अब यह देखने वाली बात होगी कि जुनेजा को फिर से डीजीपी के पद पर बिठाया जाएगा या कतार में खड़े किसी अन्य अधिकारी को अवसर दिया जायेगा।
