कलेक्टर के एक्शन से अधिकारियों में हड़कंप, BMO कलेक्टर के सवालों के घेरे में चुप्पी साधी,BMO को लगाई फटकार

गरियाबंद। जिले में पदस्थ होने के बाद पहली बार करीब 20 गाड़ियों की काफिला लेकर कलेक्टर नम्रता गांधी आज निस्टिगुड़ा और सुपेबेड़ा मैं आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में पहुँची और जमीन पर घंटों बैठकर पेंशन राशन कार्ड शिक्षक सहित अन्य समस्या का तत्काल निराकरण किया। यह पहला मौका रहा जहां कलेक्टर नम्रता गांधी,पुलिस कप्तान जे आर ठाकुर जिला पंचायत सीईओ रोक्तिमा यादव के अलावा लगभग सभी विभाग के अधिकारी एक साथ नजर आए। सबसे पहले कलेक्टर नम्रता गांधी निस्टिगुड़ पहुंची और वहां के महिला पुरुष से रूबरू हुई और बारी बारी से समस्या पूछा तो ग्रामीणों ने शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मी एवं बिजली की समस्या उप स्वास्थ्य केंद्र भवन अपूर्ण बताया । जिस पर नम्रता गांधी ने आने वाले सोमवार तक समस्या दूर करने की बात कही हालांकि इसके लिए जिलाधीश ने बड़ी सादगी पूर्वक गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं हेल्थ कार्ड बनाने का शर्त रखा। इसके अलावा अतिरिक्त विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने के निर्देश भी दिए साथ ही अपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र भवन को जब तक पूर्ण नहीं होता तब तक आर ई एस एसडीओ की वेतन रोकने का आदेश दिया । और 2 साल से राशन कार्ड के लिए भटकते सुशील कुमार साहू का 1 सप्ताह के भीतर राशन कार्ड बनाने के लिए कहा। इसके बाद कलेक्टर पूरे प्रशासनिक अमला के साथ सुपेबेड़ा पहुंची जहां ग्रामीणों ने समस्याओं की झड़ी लगा दिया। इस बीच सबसे पहले कलेक्टर ने किडनी बीमारी से प्रभावित हुए मृतकों के करीब 30 विधवाओं को सिलाई मशीन एवं अन्य यंत्र देकर गांव में ही रोजगार देने की घोषणा किया। और मुख्यालय में पड़ी एंबुलेंस को जल्द से जल्द सुपेबेड़ा में रखने के लिए 3दिवस में सीएमओ को निर्देशित किया। ग्रामीणों की प्रमुख मांग शुद्ध पानी को लेकर भी राज्य स्तर अधिकारियों से चर्चा का निराकरण कराने का भरोसा दिलाया है। ग्रामीणों ने बताया कि किडनी बिमारी से देश प्रदेश में चर्चित हो चुका है। ऐसे में यहां किनबेटी को लेने से पहले किडनी बीमारी संबंधित टेस्ट कराने तक की बात होती है। इसलिए जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल की व्यवस्था करने के लिए गुहार लगाया। क्योंकि पीएचई द्वारा लगाए गए आर ओ कि महीनों से सफाई नहीं हुई है। जिसके चलते गंदा पानी आता है ।और मजबूरीवस पीड़ितों के साथ ग्रामीणों को पुरानी नलकूप का पानी पीना पड़ता है। निस्टिगुड़ा में कलेक्टर को ग्रामीणों ने बताया कि सही समय मे हॉस्पिटल में पहुँचने के बाद भी कर्मचारी दवाई नही देते और भगा देते है तब कलेक्टर ने बीएमओ की क्लास लेना चालू कर दी , ओर कलेक्टर ने ग्रामीणों से पूछा कि यहां हाट बाजार के दिन स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी लगती है कि नही तो ग्रामीण ने बताया कि नही लगती ओर नही होता हाट बाजार में ईलाज तो तुरंत कलेक्टर ने बीएमओ की क्लास लेते हुए हर हाट बाजार में कैम्प लगाने का निर्देश दिए ।
कलेक्टर के सवाल पर बीएमओ की चुप्पी,बीएमओ को लगाई फटकार,:- जन चौपाल के दौरान जिलाधीश ने हेल्थ कार्ड सहित अन्य जानकारी के साथ अपने सवालों से रगड़ कर बीएमओ की बखिया उधेड़ दिया जिस पर बीएमओ सहित अन्य अफसर ने चुप्पी साध लिया कलेक्टर ने कड़े शब्दों में 1 सप्ताह के भीतर व्यवस्था सुधार कर रिपोर्ट करने की निर्देश दिया। अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहने की बात भी कही। क्योंकि स्वास्थ्य विभाग की कई लापरवाही जन चौपाल के दौरान सामने रही । जन चौपाल के बाद कलेक्टर ने हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर निस्टिगुड़ा का निरीक्षण किया वहा भी कमी पाई गई जिसमें कलेक्टर ने बीएमओ सोनवानी से जबाब मांगा तो बीएमओ चुप्पी साध ली जिसके बाद कलेक्टर ने फटकार लगाते हुए एक सप्ताह में सब ठीक करने को कहा । कलेक्टर ने कहा कि चुप रहने का मतलब गलती है और ये बर्दास्त नही होगा ,अब ऐसे गलती रही तो कार्यवाही के लिए तैयार रहना।
व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा :- कलेक्टर नम्रता गांधी में बताया कि जितना भी कर्मचारी का व्यवस्था यहां से किया गया है उन्हें उनके स्थान में वापसी के लिए निर्देश देकर व्यवस्था को दुरुस्त करने को निर्देशित किया गया है ,आपको बता दे कि स्वास्थ्य विभाग में कई कर्मचारियों को व्यवस्था में बाहर रखा गया है और एक स्थान से दूसरे स्थान व्यवस्था के रूप में रखा गया है उसको वापसी के लिए कलेक्टर ने निर्देशित किया है ।

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