चिटफंड कंपनी की डेढ़ करोड़ की प्रापर्टी बेचकर निवेशकों को लौटाएंगे रुपये
रायपुर। राजधानी में पहली बार 2 फ्रॉड चिटफंड कंपनी की डेढ़ करोड़ की प्रापर्टी बेचकर उसमें जमा करने वाले पीडि़तों में बांटे जाएंगे। गुरुवार को बीएन गोल्ड की अमलीडीह स्थित प्रापर्टी और दिव्यानी की पुराना धमतरी रोड पर स्थित बंद पड़े ऑफिस की नीलामी होगी। तहसील ऑफिस में दोपहर 12 बजे से ही बोली लगने लगेगी। इन कंपनियों ने करीब 20 करोड़ से ज्यादा की ठगी की है, लेकिन लंबी छानबीन के बाद उनकी केवल डेढ़ करोड़ की ही प्रापर्टी का पता चला है। उसी को नीलाम करने की प्रक्रिया की जा रही है। राज्य के एक-दो शहरों में प्रापर्टी नीलाम कर पीडि़तों को मुआवजा दिया जा चुका है। रायपुर में पहली बार कार्रवाई नीलामी तक पहुंची है।
प्रशासनिक अफसरों के अनुसार अमलीडीह में बीएन गोल्ड की 3 अलग-अलग प्रापर्टी है। इसी की खरीदी का जबरदस्त क्रेज है। इन तीनों प्रापर्टी के लिए 23 लोग बोली में शामिल हो रहे हैं। इन सभी ने अलग-अलग 9-9 लाख बतौर एडवांस जमा करवाया है। चिटफंड कंपनियों की जमीन खरीदने के लिए 3 जनवरी तक आवेदन मंगाए थे। जमीन खरीदने के लिए शहर के कुछ बड़े बिल्डरों के साथ दूसरे जिले के कारोबारियों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। नियमों के अनुसार जमीन की कीमत का 10 फीसदी बतौर एडवांस डीडी बनाकर तहसील कार्यालय में जमा करना है। जिन लोगों ने एडवांस रकम जमा की है वे ही इस बोली में शामिल हो सकते हैं। इन जमीनों की बिक्री के बाद जो रकम वापस मिलेगी उसे इन कंपनियों में रकम गंवाने वाले पीडि़तों को वापस की जाएगी। इसके लिए पीडि़तों की पहचान की जा चुकी है। कंपनी में पैसा गंवाने वाले जिन पीडि़तों ने तहसील में रकम वापसी के लिए आवेदन दिया था, उन्हीं को रकम दी जाएगी। पर एक-एक पीडि़त को कितनी-कितनी रकम दी जाएगी, ये तय नहीं है।
राजधानी में इन दो कंपनियों के अलावा 16 चिटफंड कंपनियों की 8 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पहले ही कुर्क की जा चुकी है। लेकिन इन कंपनियों ने संपत्ति नीलामी के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। इस वजह से उन कंपनियों की संपत्ति नीलाम नहीं हो पा रही है। अफसरों का कहना है कि इनमें 4 कंपनियों की सुनवाई अंतिम चरण पर है। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद जल्द ही इन संपत्तियों की भी नीलामी की जाएगी।
